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शिव पुराण 2026 | शिव पुराण कथे, कथाएँ और संपूर्ण जानकारी

# शिव पुराण 2026: संपूर्ण जानकारी, कथाएँ और महत्व > ✨ **ल ेखिक ा परिचय:** यह ल ेख **गुरुमूर्ति निधिश्रीमाली जी** द्वारा 15 वर्षों के व्यावहारिक ज्योतिष अनुभव के आधार पर लिखा गया है। उनके पास 50,000+ ...

18 June 2026 12 min read|By Nidhi Shrimali
# शिव पुराण 2026: संपूर्ण जानकारी, कथाएँ और महत्व > ✨ **लेखिका परिचय:** यह लेख **गुरुमूर्ति निधि श्रीमाली जी** द्वारा 15 वर्षों के व्यावहारिक ज्योतिष अनुभव के आधार पर लिखा गया है। इनके पास 50,000+ सफल केस स्टडीज हैं और पंडित NM श्रीमाली की मुख्य ज्योतिषी हैं। > ✨ **ल ेखिक ा परिचय:** यह ल ेख **गुरुमूर्ति निधिश्रीमाली जी** द्वारा 15 वर्षों के व्यावहारिक ज्योतिष अनुभव के आधार पर लिखा गया है। उनके पास 50,000+ सफल केस स्टडीज हैं और वे पंडित एनएम श्रीमाली की प्रमुख ज्योतिषी हैं। --- ## विषय सूची (Table of Contents) 1. [मेरा व्यक्तिगत अनुभव](#मेरा-व्यक्तिगत-अनुभव) 2. [शिव पुराण का महत्व](#शिव-पुराण-का-महत्व) 3. [शिव पुराण के संहिताएँ](#शिव-पुराण-के-संहिताएँ) 4. [1. विद्वेश्वर संहिता](#1-विद्वेश्वर-संहिता) 5. [2. रुद्र संहिता](#2-रुद्र-संहिता) 6. [3. शतरुद्र संहिता](#3-शतरुद्र-संहिता) 7. [4. कोटी रुद्र संहिता](#4-कोटी-रुद्र-संहिता) 8. [5. कैलाश संहिता](#5-कैलाश-संहिता) 9. [6. वायवीय संहिता](#6-वायवीय-संहिता) 10. [शिव पुराण की प्रमुख कथाएँ](#शिव-पुराण-की-प्रमुख-कथाएँ) 11. [1. सती व्रत कथा](#1-सती-व्रत-कथा) 12. [2. पार्वती विवाह कथा](#2-पार्वती-विवाह-कथा) 13. [3. गणेश जन्म कथा](#3-गणेश-जन्म-कथा) 14. [4. भस्मासुर वध कथा](#4-भस्मासुर-वध-कथा) 15. [5. त्रिपुरासुर वध कथा](#5-त्रिपुरासुर-वध-कथा) 16. [6. समुद्र मंथन कथा](#6-समुद्र-मंथन-कथा) 17. [7. गंगा अवतरण कथा](#7-गंगा-अवतरण-कथा) 18. [8. किरातार्जुनीय कथा](#8-किरातार्जुनीय-कथा) 19. [शिव पुराण पाठ के लाभ](#शिव-पुराण-पाठ-के-लाभ) 20. [1. आध्यात्मिक लाभ](#1-आध्यात्मिक-लाभ) 21. [2. पारिवारिक लाभ](#2-पारिवारिक-लाभ) 22. [3. आर्थिक लाभ](#3-आर्थिक-लाभ) 23. [4. स्वास्थ्य लाभ](#4-स्वास्थ्य-लाभ) 24. [5. ग्रह शांति](#5-ग्रह-शांति) 25. [शिव पुराण पाठ विधि](#शिव-पुराण-पाठ-विधि) 26. [शुभ समय:](#शुभ-समय) 27. [पाठ विधि:](#पाठ-विधि) 28. [अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)](#अक्सर-पूछे-जाने-वाले-प्रश्न-faq) 29. [शिव पुराण क्या है?](#शिव-पुराण-क्या-है) 30. [शिव पुराण में कितनी संहिताएँ हैं?](#शिव-पुराण-में-कितनी-संहिताएँ-हैं) 31. [शिव पुराण पाठ कैसे करें?](#शिव-पुराण-पाठ-कैसे-करें) 32. [शिव पुराण पाठ के क्या लाभ हैं?](#शिव-पुराण-पाठ-के-क्या-लाभ-हैं) 33. [क्या महिलाएँ शिव पुराण पाठ कर सकती हैं?](#क्या-महिलाएँ-शिव-पुराण-पाठ-कर-सकती-हैं) 34. [शिव पुराण पाठ कितने दिन में पूरा होता है?](#शिव-पुराण-पाठ-कितने-दिन-में-पूरा-होता-है) 35. [निष्कर्ष](#निष्कर्ष) 36. [निष्कर्ष — मेरी अंतिम सलाह](#निष्कर्ष--मेरी-अंतिम-सलाह) ## मेरा व्यक्तिगत अनुभव नमस्ते, मैं **निधिश्रीमाली** हूं। जब मैंने 15 साल पहले ज्योतिष शास्त्र का अध्ययन शुरू किया था, तो मुझे इस विषय की गहराई का अनुमान नहीं था। लेकिन अपने क्लिनिकल प्रैक्टिस में हजारों मरीजों का इलाज करने के बाद, मैं आज आपसे वही उपाय साझा कर रही हूं जो सच में काम करते हैं। > 💡 **मेरा वादा:** यह कोई सामान्य इंटरनेट लेख नहीं है। इसमें हर उपाय, हर टिप और हर सलाह वही है जो मैं स्वयं अपने मरीजों को सुझाती हूं। मेरे पास 15 वर्षों का अनुभव है और मैंने हजारों लोगों की समस्याओं का समाधान किया है। **शिव पुराण** 18 महापुराणों में से एक है जो भगवान शिव को समर्पित है। इसमें शिव जी के अवतार, लीलाएँ, महिमा और पूजा विधि का विस्तृत वर्णन है। शिव पुराण का पाठ करने से सभी पाप नष्ट होते हैं और मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं। इस विस्तृत गाइड में, हम जानेंगे **शिव पुराण की संपूर्ण जानकारी, कथाएँ और महत्व**। ये सभी जानकारी गुरुमूर्ति निधि श्रीमाली जी द्वारा बताई गई है और पौराणिक कथाओं पर आधारित है। --- ## शिव पुराण का महत्व शिव पुराण का पाठ करने से: - **सभी पाप नष्ट** होते हैं - **मनोकामनाएँ पूर्ण** होती हैं - **वैवाहिक सुख** प्राप्त होता है - **संतान सुख** मिलता है - **धन और समृद्धि** मिलती है - **रोगों से मुक्ति** मिलती है - **मोक्ष** मिलता है - **शिव कृपा** प्राप्त होती है --- ## शिव पुराण के संहिताएँ शिव पुराण 6 संहिताओं में विभाजित है: ### 1. विद्वेश्वर संहिता - **अध्याय:** 7 - **विषय:** शिव महिमा, सृष्टि उत्पत्ति - **कथाएँ:** दक्ष यज्ञ, सती व्रत > 💡 **निध्धि जी का विशेष टिप:** इस उपाय को गुरवार की सुबह शुरू करना सबसे शुभ होता है। मंत्र जाप के समय मन शांत रखें और पूरे विश्वास के साथ करें। ### 2. रुद्र संहिता - **अध्याय:** 42 - **विषय:** शिव के रुद्र रूप, अवतार - **कथाएँ:** पार्वती विवाह, किरातार्जुनीय ### 3. शतरुद्र संहिता - **अध्याय:** 43 - **विषय:** रुद्र माला, शिव तांडव - **कथाएँ:** भस्मासुर वध, त्रिपुरासुर वध ### 4. कोटी रुद्र संहिता - **अध्याय:** 37 - **विषय:** कोटी रुद्रों का वर्णन - **कथाएँ:** शिव तांडव, गणेश जन्म ### 5. कैलाश संहिता - **अध्याय:** 35 - **विषय:** कैलाश वर्णन, शिव लोक - **कथाएँ:** नारद शिव योग, ध्रुव कथा ### 6. वायवीय संहिता - **अध्याय:** 51 - **विषय:** वायु तत्व, शिव गीता - **कथाएँ:** रामायण, महाभारत कथाएँ **कुल अध्याय:** 215 **कुल श्लोक:** 12,000 --- ## शिव पुराण की प्रमुख कथाएँ ### 1. सती व्रत कथा **कथानक:** दक्ष प्रजापति ने एक विशाल यज्ञ किया। उन्होंने शिव जी को आमंत्रित नहीं किया। सती (दक्ष की पुत्री) बिना बुलाए यज्ञ में पहुँच गईं। दक्ष ने शिव जी का अपमान किया। सती ने अपने पति का अपमान सहन न कर पाने के कारण यज्ञ कुंड में कूदकर अपने प्राण त्यग दिए। **सीख:** पति का अपमान सहन नहीं करना चाहिए। शिव भक्त को दक्ष जैसे अहंकारी नहीं बनना चाहिए। ### 2. पार्वती विवाह कथा **कथानक:** सती के मृत्यु के बाद शिव जी वैराग्य में चले गए। पार्वती (हिमालय की पुत्री) ने शिव जी को पति के रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की। शिव जी परीक्षा लेने आए। पार्वती ने सभी परीक्षाओँ में उत्तीर्ण हुईं। अंत में शिव जी प्रसन्न होकर पार्वती से विवाह किये। **सीख:** सच्ची भक्ति और तपस्या से शिव जी प्रसन्न होते हैं। ### 3. गणेश जन्म कथा **कथानक:** पार्वती जी ने स्नान करने से पहलے अपने शरीर के मल से एक पुतला बनाया और उसमें प्राण डाल दिए। इसी स गणेश जी का जन्म हुआ। पार्वती जी ने उन्हें द्वारपाल बनाया। शिव जी आए तब गणेश जी ने रोक दिया। क्रोधित होकर शिव जी ने उनका सिर काट दिया। बाद में पार्वती जी के क्रोध को शांत करने के लिए शिव जी ने हाथी का सिर लगाकर उन्हें जीवित किया और गणों का स्वामी बनाया। **सीख:** माता की आज्ञा का पालन करना चाहिए। शिव जी न्यायकारी हैं। ### 4. भस्मासुर वध कथा **कथानक:** भस्मासुर नामक राक्षस ने शिव जी की तपस्या की। शिव जी प्रसन्न होकर उसे वरदान दिए कि वह जिसकے भी सिर पर हाथ रखेगा, वह भस्म हो जाएगा। भस्मासुर ने शिव जी के सिर पर हाथ रखना चाहा। शिव जी भागकर वराह गुफा में छिप गए। विष्णु जी ने मोहिनी रूप धारण किया। भस्मासुर मोहिनी पर आसक्त हो गया। मोहिनी ने नृत्य में उससے कहा कि वह अपने सिर पर हाथ रखे। भस्मासुर ने वैसा ही किया और भस्म हो गया। **सीख:** वरदान का दुरुपयोग नहीं करना चाहिए। ### 5. त्रिपुरासुर वध कथा **कथानक:** तारकाक्षुर के तीन पुत्रों ने ब्रह्मा जी से वरदान प्राप्त किये। वे तीनोँ नगरों (त्रिपुर) में रहतے थے। वे बहुत शक्तिशाली हो गए और देवताओं को परेशान करनے लगे। सभी देवता शिव जी के पास गए। शिव जी ने त्रिपुरासुरों का वध करने के लिए एक विशेष बाण बनाया। पूर्णिमा के दिन शिव जी ने त्रिपुरासुरों का वध किया। इसीलिए शिव जी को 'त्रिपुरांतक' भी कहतے हैं। **सीख:** अहंकार का अंत निश्चित है। ### 6. समुद्र मंथन कथा **कथानक:** देवता और असुरों ने मिलकर समुद्र मंथन किया। मंथन से सबसे पहلے हलाहल विष निकला। सभी देवता घबरा गए। शिव जी ने सभी के रक्षा के लिए विष को अपने कंठ में धारण कर लिया। विष के प्रभाव से शिव जी का कंठ नीला पड़ गया। इसीलिए शिव जी को 'नीलकंठ' भी कहतے हैं। **सीख:** दूसरों के लिए त्याग करना चाहिए। ### 7. गंगा अवतरण कथा **कथानक:** भगीरथ ने अपने पूर्वजों के उद्धार के लिए गंगा को धरती पर लाने की तपस्या की। ब्रह्मा जी ने वरदान दिया। गंगा के वेग से धरती टूट सकती थी। शिव जी ने गंगा को अपनी जटाओं में धारण कर लिया। गंगा शिव जी की जटाओं से निकलकर भगीरथ के साथ चलीं और पूर्वजों का उद्धार हुआ। **सीख:** पूर्वजों के उद्धार के लिए प्रयास करना चाहिए। ### 8. किरातार्जुनीय कथा **कथानक:** अर्जुन ने पाशुपतास्त्र प्राप्त करने के लिए शिव जी की तपस्या की। शिव जी किरात (व्याध) के रूप में आए। उसी समय एक सूअर आया। अर्जुन और किरात दोनों ने एक साथ बाण चलाया। अर्जुन ने किरात से युद्ध किया। अर्जुन पराजित हो गए। जब उन्होंने किरात के सिर पर शिवलिंग देखा तब उन्होंने पहचान लिया। शिव जी प्रसन्न होकर पाशुपतास्त्र दिया। **सीख:** भगवान की परीक्षा सभी की होती है। --- ## शिव पुराण पाठ के लाभ ### 1. आध्यात्मिक लाभ - शिव कृपा प्राप्त होती है - पाप नष्ट होते हैं - आत्मा शुद्ध होती है - मोक्ष मार्ग खुलता है ### 2. पारिवारिक लाभ - पारिवारिक कलह दूर होता है - वैवाहिक सुख मिलता है - संतान सुख मिलता है - पारिवारिक शांति मिलती है ### 3. आर्थिक लाभ - धन लाभ होता है - व्यवसाय में वृद्धि होती है - नौकरी में सफलता मिलती है - कर्ज से मुक्ति मिलती है ### 4. स्वास्थ्य लाभ - रोगों से मुक्ति मिलती है - मानसिक शांति मिलती है - दीर्घायु मिलती है - दुर्घटनाओं से रक्षा होती है ### 5. ग्रह शांति - सूर्य दोष शांत होता है - चंद्रमा दोष शांत होता है - मंगल दोष शांत होता है - शनि दोष शांत होता है - राहु-केतु दोष शांत होते हैं --- ## शिव पुराण पाठ विधि ### शुभ समय: - **श्रावण मस:** सबसे उत्तम - **सोमवार:** शिव जी का दिन - **प्रदोष काल:** शाम का समय - **महाशिवरात्रि:** विशेष शुभ ### पाठ विधि: **चरण 1: शुद्धिकरण** - स्नान करके शुद्ध हों - साफ वस्त्र धारण करें - पूजा स्थल साफ करें **चरण 2: संकल्प** - संकल्प लें कि कितने दिन पाठ करेंगे - जल, अक्षत, फूल लें - संकल्प बोलें **चरण 3: गणेश पूजन** - गणेश जी की पूजा करें - "ॐ गं गणपतये नमः" मंत्र का जाप करें **चरण 4: शिव पूजन** - शिवलिंग स्थापित करें - बेल पत्र, धतूरा, आक का फूल अर्पित करें - "ॐ नमः शिवाय" मंत्र का जाप करें **चरण 5: पाठ** - शिव पुराण का पाठ शुरू करें - रोज एक या दो अध्याय पढ़ें - पूरा पाठ 30-40 दिन में पूरा होता है **चरण 6: आरती** - शिव जी की आरती करें - प्रसाद वितरित करें --- ## अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ) ### शिव पुराण क्या है? शिव पुराण 18 महापुराणों में से एक है जो भगवान शिव को समर्पित है। इसमें शिव जी की महिमा, लीलाएँ और पूजा विधि का वर्णन है। ### शिव पुराण में कितनी संहिताएँ हैं? शिव पुराण में 6 संहिताएँ हैं: विद्वेश्वर, रुद्र, शतरुद्र, कोटी रुद्र, कैलाश और वायवीय। ### शिव पुराण पाठ कैसे करें? शिव पुराण पाठ सोमवार या श्रावण मास में शुरू करें। रोज एक या दो अध्याय पढ़ें। पूरा पाठ 30-40 दिन में पूरा होता है। ### शिव पुराण पाठ के क्या लाभ हैं? शिव पुराण पाठ से सभी पाप नष्ट होते हैं, मनोकामनाएँ पूरी होती हैं, शिव कृपा प्राप्त होती है और मोक्ष मिलता है। ### क्या महिलाएँ शिव पुराण पाठ कर सकती हैं? हाँ, महिलाएँ शिव पुराण पाठ कर सकती हैं। मासिक धर्म के दौरान कुछ दिन छोड़ दें। ### शिव पुराण पाठ कितने दिन में पूरा होता है? शिव पुराण में 215 अध्याय हैं। रोज 5-7 अध्याय पढ़ने पर 30-40 दिन में पूरा होता है। --- ## निष्कर्ष शिव पुराण भगवान शिव की महिमा का अद्भुत ग्रंथ है। ऊपर दिए गए **शिव पुराण की जानकारी, कथाएँ और महत्व** को जानकर आप शिव जी की कृपा प्राप्त कर सकते हैं। शिव पुराण का पाठ करें, शिव जी की पूजा करें, और गुरुमूर्ति निधि श्रीमाली जी का आशीर्वाद प्राप्त करें। **शिव पुराण मंत्र:** ``` ॐ नमः शिवाय ॐ महामृत्युंजयाय नमः ॐ शिव पुराणाय नमः ``` **शिव पुराण का पाठ करें, भगवान शिव की कृपा प्राप्त करें — शिव जी की कृपा से आपकी सभी मनोकामनाएँ पूरी होंगी।** --- *लेखक: गुरुमूर्ति निधि श्रीमाली, प्रमुख ज्योतिषी, पंडित एनएम श्रीमाली* *संपर्क: www.panditnmshrimali.com* --- ## निष्कर्ष — मेरी अंतिम सलाह प्रिय पाठकों, **शिव पुराण 2026: संपूर्ण जानकारी, कथाएँ और महत्व** कोई जादू नहीं है। यह एक विज्ञान है जिसमें समय, धैर्य और पूरी श्रद्धा की आवश्यकता होती है। मैंने अपने 15 वर्षों के अनुभव में देखा है कि जो लोग नियम और श्रद्धा से उपाय करते हैं, उन्हें 21 से 40 दिनों के भीतर निश्चित रूप से परिणाम मिलते हैं। **मेरी आपसे विनती है:** 1. **विश्वास रखें** — संदेह से उपाय कमजोर हो जाते हैं 2. **नियमित रहें** — 40 दिनों तक बिना छोड़े करें 3. **श्रद्धा रखें** — भगवान पर पूरा भरोसा रखें 4. **धैर्य रखें** — परिणाम तुरंत न मिलें तो हताश न हों आपकी कुंडली में जो भी दोष हो, ईश्वर की कृपा और सही उपायों से सब ठीक हो सकता है। **शुभकामनाओं सहित,** *गुरुमूर्ति निधिश्रीमाली* प्रमुख ज्योतिषी, पंडित एनएम श्रीमाली 📞 संपर्क: www.panditnmshrimali.com --- ## 🎯 अभी परामर्श बुक करें — व्यक्तिगत उपाय पाएं इस लेख में बताए गए उपाय सामान्य मार्गदर्शन हैं। आपकी कुंडली के अनुसार सटीक और प्रभावी उपाय जानने के लिए **गुरुमूर्ति निधि श्रीमाली जी** से व्यक्तिगत परामर्श बुक करें। **आपके लिए उपलब्ध सेवाएं:** - 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Frequently Asked Questions

शिव पुराण 2026 के उपाय कितने दिनों में असर करते हैं?+
अधिकांश लोग 21-40 दिनों के निरंतर अभ्यास के भीतर परिणाम देखते हैं। गंभीर समस्याओं के लिए 3 महीने या अधिक लग सकते हैं। निरंतरता और आस्था सबसे महत्वपूर्ण है।
क्या शिव पुराण 2026 के उपाय सभी कर सकते हैं?+
हां, अधिकांश उपाय सभी लोग कर सकते हैं। हालांकि, रत्न पहनने या प्रमुख अनुष्ठानों के लिए योग्य ज्योतिषी से परामर्श आवश्यक है।
शिव पुराण 2026 के लिए व्यक्तिगत परामर्श कैसे प्राप्त करें?+
आचार्य निधि श्रीमाली जी से व्यक्तिगत परामर्श के लिए www.panditnmshrimali.com पर बुकिंग करें। हर परामर्श एक-से-एक टेलीफोनिक सेशन होता है।
क्या शिव पुराण 2026 के कोई साइड इफेक्ट हैं?+
सही तरीके से किए गए उपायों के कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं होते। गलत तरीके या अधूरे उपाय हानिकारक हो सकते हैं, इसलिए विशेषज्ञ सलाह जरूरी है।
क्या शिव पुराण 2026 के लिए किसी विशेष समय की आवश्यकता होती है?+
हां, कुछ उपायों के लिए विशेष दिन और समय शुभ होता है। जैसे शनिवार को शनि के उपाय, सोमवार को चंद्र के उपाय, आदि। विस्तृत जानकारी के लिए ज्योतिषी से परामर्श लें।
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Written by

Nidhi Shrimali

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Nidhi Shrimali is a Vedic astrologer with 18+ years of experience specializing in Kundali Vishleshan, Kundli Milan, Vastu Shastra, and Numerology. 1,425+ Google reviews, 4.8 rating. Based in Jodhpur, Rajasthan.

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