✨ लेखिका परिचय: यह लेख गुरुमूर्ति निधि श्रीमाली जी द्वारा 15 वर्षों के व्यावहारिक ज्योतिष अनुभव के आधार पर लिखा गया है। इनके पास 50,000+ सफल केस स्टडीज हैं और पंडित NM श्रीमाली की मुख्य ज्योतिषी हैं।
दूसरा विवाह ज्योतिष 2026 — यह विषय मेरे पास रोजाना सैकड़ों लोग पूछते हैं। जब किसी की कुंडली में ग्रह कमजोर होता है, तो जीवन में कई समस्याएँ आने लगती हैं।
विषय सूची (Table of Contents)
- दूसरे विवाह के प्रमुख ज्योतिषीय योग
- दूसरे विवाह का समय
- दूसरे विवाह के लिए उपाय
- दूसरे विवाह के लिए रत्न उपाय
- अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
- 🎯 अभी परामर्श बुक करें — व्यक्तिगत उपाय पाएं
- निष्कर्ष
- निष्कर्ष — मेरी अंतिम सलाह
मैं गुरुमूर्ति निधि श्रीमाली, पिछले 15 वर्षों से ज्योतिष शास्त्र का अध्ययन और व्यावहारिक अनुप्रयोग कर रही हूँ। इस विस्तृत लेख में, मैं आपके साथ वही सटीक उपाय साझा कर रही हूँ जो मैंने अपनी क्लिनिकल प्रैक्टिस में हज़ारों लोगों पर सफलतापूर्वक लागू किए हैं।
मेरा वादा: यह कोई सामान्य इंटरनेट लेख नहीं है। इसमें हर उपाय वह है जो मैं स्वयं अपने मरीजों को सुझाती हूँ।
दूसरे विवाह के प्रमुख ज्योतिषीय योग
1. द्विकलत्र योग
प्रभाव: • कुंडली में दो विवाह का योग • पहला विवाह असफल • दूसरा विवाह सफल • शुक्र और सप्तमेश की विशेष स्थिति लक्षण: • सप्तम भाव में दो या अधिक ग्रह • सप्तमेश नवम भाव में • शुक्र कमजोर हो • राहु की दृष्टि सप्तम पर
2. सप्तम भाव में पाप ग्रह
प्रभाव: • सप्तम भाव में मंगल, शनि, राहु या केतु • पहला विवाह टूटना • दूसरा विवाह स्थिर रहना • वैवाहिक कलह लक्षण: • मंगल सप्तम में: मंगलिक दोष • शनि सप्तम में: विलंब और कलह • राहु सप्तम में: भ्रम और धोखा • केतु सप्तम में: वैराग्य और दूरी
3. सप्तमेश अष्टम भाव में
प्रभाव: • सप्तमेश अष्टम में हो • पति या पत्नी की हानि • दूसरा विवाह होना • विधवा योग लक्षण: • पहला विवाह छोटी आयु में • पति या पत्नी की अकाल मृत्यु • दूसरा विवाह 35 वर्ष के बाद
4. राहु की दृष्टि सप्तम पर
प्रभाव: • राहु सप्तम भाव को देखे • पहला विवाह असफल • अनैतिक संबंध • दूसरा विवाह लक्षण: • पहला विवाह जल्दी टूटना • विदेशी व्यक्ति से संबंध • अंतरजातीय विवाह • दूसरा विवाह स्थिर
5. शुक्र और मंगल का युति
प्रभाव: • शुक्र और मंगल एक साथ हों • वैवाहिक जीवन में तनाव • पहला विवाह असफल • दूसरा विवाह लक्षण: • पति-पत्नी में झगड़े • शारीरिक संबंधों में समस्या • तलाक की संभावना • दूसरा विवाह शांतिपूर्ण
6. नवम भाव में पाप ग्रह
प्रभाव: • नवम भाव में पाप ग्रह हों • भाग्य का साथ न मिलना • पहला विवाह असफल • दूसरा विवाह सफल लक्षण: • धर्म और कर्म में बाधा • भाग्योदय बाद में • दूसरा विवाह शुभ
7. द्वादश भाव में शुक्र
प्रभाव: • शुक्र द्वादश भाव में हो • वैवाहिक सुख में कमी • पहला विवाह असफल • दूसरा विवाह लक्षण: • पति-पत्नी में दूरी • खर्च बढ़ना • पहला विवाह टूटना • दूसरा विवाह स्थिर
दूसरे विवाह का समय
1. राहु की दशा में
• राहु की दशा या अंतर्दशा • 35-40 वर्ष की आयु • अचानक विवाह • अनैतिक संबंध के बाद
2. शुक्र की दशा में
• शुक्र की दशा या अंतर्दशा • 40-45 वर्ष की आयु • प्रेम विवाह • दूसरा विवाह सफल
3. सप्तमेश की दशा में
• सप्तमेश की दशा या अंतर्दशा • विवाह का योग • स्थिर विवाह • सुखद वैवाहिक जीवन
4. नवम भाव की दशा में
• नवमेश की दशा या अंतर्दशा • भाग्य का साथ • शुभ विवाह • धर्मिक विवाह
दूसरे विवाह के लिए उपाय
1. वरुण पूजा
विधि: • रविवार को वरुण देव की पूजा करें • जल अर्पित करें • "ॐ वरुणाय नमः" मंत्र का जाप करें लाभ: • वैवाहिक बंधन मजबूत होता है • दूसरा विवाह सफल होता है • पारिवारिक शांति आती है
2. पार्वती जी की पूजा
विधि: • सोलह सोमवार व्रत करें • पार्वती जी की पूजा करें • "ॐ पार्वत्यै नमः" मंत्र का जाप करें लाभ: • अच्छा जीवनसाथी मिलता है • वैवाहिक सुख आता है • दूसरा विवाह सफल होता है
3. कामेश्वर मंत्र जाप
मंत्र:
ॐ कामेश्वराय नमः
ॐ कामप्रियाय नमः
ॐ रतिपतये नमः
विधि: • रोजाना 108 बार जाप करें • 40 दिन तक नियमित करें लाभ: • अच्छा जीवनसाथी मिलता है • प्रेम बढ़ता है • वैवाहिक सुख आता है
4. शुक्र पूजा
विधि: • शुक्रवार को सफेद वस्त्र धारण करें • सफेद फूल अर्पित करें • "ॐ शुं शुक्राय नमः" मंत्र का जाप करें लाभ: • शुक्र मजबूत होता है • वैवाहिक सुख आता है • दूसरा विवाह सफल होता है
5. गायत्री मंत्र जाप
मंत्र:
ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यम्
भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्
विधि: • रोजाना 108 बार जाप करें • सूर्योदय के समय करें लाभ: • मानसिक शांति मिलती है • भाग्योदय होता है • अच्छा विवाह होता है
6. नारियल प्रवाह
विधि: • नारियल पर कुमकुम से "ॐ नमः शिवाय" लिखें • बहते पानी में प्रवाहित करें • 11 सोमवार तक करें लाभ: • विवाह में आने वाली बाधाएँ दूर होती हैं • शिव कृपा मिलती है • अच्छा विवाह होता है
7. कन्या पूजन
विधि: • नवरात्रि में 9 कन्याओं की पूजा करें • भोजन कराएँ और दक्षिणा दें • "ॐ दुर्गायै नमः" मंत्र का जाप करें लाभ: • माँ दुर्गा की कृपा मिलती है • विवाह में आने वाली बाधाएँ दूर होती हैं • अच्छा जीवनसाथी मिलता है
💡 निधि जी का विशेष टिप: इन उपायों को मंगलवार या गुरुवार को शुरू करना सबसे शुभ होता है। चंद्रमा की कृपा होने पर परिणाम शीघ्र मिलते हैं।
दूसरे विवाह के लिए रत्न उपाय
| ग्रह | रत्न | धारण विधि |
|---|---|---|
| शुक्र | हीरा/ओपल | शुक्रवार को सोने में धारण करें |
| बृहस्पति | पुखराज | गुरुवार को सोने में धारण करें |
| चंद्रमा | मोती | सोमवार को चांदी में धारण करें |
| सूर्य | माणिक्य | रविवार को सोने में धारण करें |
| नोट: रत्न धारण करने से पहले किसी योग्य ज्योतिषी से सलाह जरूर लें। |
💡 निधि जी का विशेष टिप: इन उपायों को मंगलवार या गुरुवार को शुरू करना सबसे शुभ होता है। चंद्रमा की कृपा होने पर परिणाम शीघ्र मिलते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
दूसरे विवाह के प्रमुख योग क्या हैं?
द्विकलत्र योग, सप्तम भाव में पाप ग्रह, सप्तमेश अष्टम भाव में, राहु की दृष्टि सप्तम पर दूसरे विवाह के प्रमुख योग हैं।
दूसरा विवाह कब होता है?
दूसरा विवाह आमतौर पर 35-45 वर्ष की आयु में होता है। राहु, शुक्र या सप्तमेश की दशा में विवाह होता है।
क्या दूसरा विवाह हमेशा सफल होता है?
नहीं, दूसरा विवाह भी ग्रहों की स्थिति पर निर्भर करता है। उपाय करने से सफलता मिलती है।
दूसरे विवाह के उपाय कितने दिन करें?
कम से कम 40 दिन तक नियमित उपाय करें। कुछ उपाय 11, 21, 41 या 108 बार करने से फल मिलता है।
क्या महिलाएँ दूसरे विवाह के उपाय कर सकती हैं?
हाँ, महिलाएँ दूसरे विवाह के उपाय कर सकती हैं। मासिक धर्म के दौरान कुछ उपाय छोड़ दें।
🎯 अभी परामर्श बुक करें — व्यक्तिगत उपाय पाएं
इस लेख में बताए गए उपाय सामान्य मार्गदर्शन हैं। आपकी कुंडली के अनुसार सटीक और प्रभावी उपाय जानने के लिए गुरुमूर्ति निधि श्रीमाली जी से व्यक्तिगत परामर्श बुक करें।
आपके लिए उपलब्ध सेवाएं:
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निष्कर्ष
दूसरा विवाह ज्योतिष में एक महत्वपूर्ण विषय है। ऊपर दिए गए दूसरे विवाह के ज्योतिषीय योग और समय को जानकर आप अपने भविष्य को समझ सकते हैं और उपाय कर सकते हैं। नियमित उपाय करें, पूरा विश्वास रखें, और गुरुमूर्ति निधि श्रीमाली जी का आशीर्वाद प्राप्त करें। दूसरे विवाह मंत्र:
ॐ कामेश्वराय नमः
ॐ पार्वतीपतये नमः
ॐ सुमंगल्यै नमः
ॐ वरुणाय नमः
उपाय करें, पूजा करें, विश्वास रखें — ईश्वर की कृपा से आपका दूसरा विवाह सफल होगा।
लेखक: गुरुमूर्ति निधि श्रीमाली, प्रमुख ज्योतिषी, पंडित एनएम श्रीमाली संपर्क: www.panditnmshrimali.com
निष्कर्ष — मेरी अंतिम सलाह
प्रिय पाठकों, दूसरा विवाह ज्योतिष 2026 कोई जादू नहीं है। यह एक विज्ञान है जिसमें समय, धैर्य और पूर्ण श्रद्धा की आवश्यकता होती है।
मैंने अपने 15 वर्षों के अनुभव में देखा है कि जो लोग नियम और श्रद्धा से उपाय करते हैं, उन्हें 21 से 40 दिनों के भीतर निश्चित रूप से परिणाम मिलते हैं।
मेरी आपसे विनती है:
- किसी एक उपाय से शुरुआत करें
- उसे कम से कम 40 दिन तक नियमित करें
- पूरे विश्वास के साथ करें — संदेह न पालें
- परिणाम मिलने के बाद भी उपाय जारी रखें
आपकी कुंडली में जो भी दोष हो, ईश्वर की कृपा और सही उपायों से सब ठीक हो सकता है।
शुभकामनाएँ सहित, गुरुमूर्ति निधि श्रीमाली प्रमुख ज्योतिषी, पंडित एनएम श्रीमाली 📞 संपर्क: www.panditnmshrimali.com
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